Prerana ATC | Fight Trafficking

search

ट्रांसजेंडर बालकों के साथ भेदभाव करता है NCERT का टीचर ट्रेनिंग मॉड्यूल? शिकायत पर एनसीपीसीआर ने मांगा जवाब

तारीख: 03 नवंबर, 2021
स्रोत (Source): नवभारत टाइम्स

तस्वीर स्रोतनवभारत टाइम्स

स्थान : नई दिल्ली

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के पास एनसीईआरटी के टीचर ट्रेनिंग मैनुअल की मसौदा समिति के खिलाफ शिकायत मिली है. शिकायत में जेंडर सेंसटाइजेशन के नाम पर छात्रों को आघात पहुंचाने की साजिश के आरोप लगाया गया है. इस शिकायत के बाद एनसीपीआर ने एनसीईआरटी से 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है.

एनसीईआरटी के निदेशक, एनसीपीसीआर के प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने कहा है कि आयोग को एनसीईआरटी के जेंडर स्टडीज डिपार्टमेंट की तरफ से प्रकाशित टीचर ट्रेनिंग मॉड्यूल- ‘स्कूली शिक्षा में ट्रांसजेंडर बालकों का समावेश: चिंताएं और रोड मैप’ की सामग्री के संबंध में एक शिकायत मिली है. कानूनगो ने कहा कि शिकायत में जिक्र किया गया है कि मैनुअल का पाठ बालकों के लिए जेंडर न्यूट्रल बुनियादी ढांचे (जैसे सामान्य शौचालय) का सुझाव देता है, न कि उनकी लिंग वास्तविकताओं और बुनियादी जरूरतों के अनुरूप.

शिकायत में मैनुअल का हवाला दिया गया है, जो न्यूड्र जेंडर टॉयलेट के लिए निहित है. इसमें कहा गया है कि अधिकांश स्कूल भवनों में केवल दो जेंडर के लिए अलग-अलग शौचालय हैं-लड़के और लड़कियां. छोटे बालकों को सामाजिक रूप से स्वीकार्य व्यवहार चुनने के लिए, उनके जन्म-निर्धारित जेंडर के अनुरूप चुनने की शर्त है. शिकायतकर्ता ने आगे चिंता जताई है कि इस दृष्टिकोण से बालकों को घर और स्कूल में विरोधाभासी वातावरण के कारण अनावश्यक साइक्लोजिकल ट्रॉमा का सामना करना पड़ेगा.

मैनुअल में यह भी बताया गया है कि शिक्षकों को यौवन अवरोधकों और किशोरों के लिए इसकी उपलब्धता के बारे में छात्रों के साथ चर्चा करने का सुझाव दिया गया है. इसके अलावा, एनसीपीसीआर ने शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि मसौदा समिति के सदस्यों की पृष्ठभूमि और योग्यता सत्यापित नहीं की गई थी. कानूनगो ने एनसीईआरटी से कहा है कि शिकायत आपकी टिप्पणियों और दस्तावेज में विसंगतियों को सुधारने के संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए भेजा जा रहा है.

 

नवभारत टाइम्स की इस खबर को पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें.

 

अन्य महत्वपूर्ण खबरें

Copy link
Powered by Social Snap