Prerana ATC | Fight Trafficking

search

ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा, कोविड से अनाथ हुए बालकों को 5 लाख रुपये की सहायता देगी तमिलनाडु सरकार

तारीख: 31 मई, 2021
स्रोत (Source): आज तक

तस्वीर स्रोत: Google Image

स्थान: तमिलनाडु

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन (MK Stalin) ने कोरोना से अनाथ हुए बालकों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सीएम स्टालिन ने घोषणा की है कि कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए या अपने माता-पिता में से एक को भी खोने वाले बालकों के लिए पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही प्रदेश सरकार उन बालकों की ग्रेजुएशन यानी स्नातक तक पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी. तमिलनाडु सरकार की ओर से कहा गया कि जिन बालकों के माता-पिता दोनों की ही मौत कोरोना बीमारी से हुई है उन्हें सरकारी आश्रय गृहों या छात्रावासों में ठहरने की व्यवस्था के लिहाज से प्राथमिकता दी जाएगी. ऐसे बालकों के नाम से पांच लाख रुपये जमा कराए जाएंगे. 

यह रकम उनके 18 साल के पूरा होने पर उन्हें ब्याज के साथ मिलेगी. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि कोविड महामारी से अनाथ हुए बालकों के ठहरने से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई का सारा खर्च राज्य सरकार उठाएगी. इसके अलावा ऐसे बालक जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु महामारी से हो गई है, उन्हें तात्कालिक सहायता के तौर पर तीन लाख रुपये दिये जाएंगे. 

वहीं, जिन अनाथ बालकों की परवरिश रिश्तेदार करेंगे उनके 18 साल के होने तक के लिए तीन हजार रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जिन बालकों के माता-पिता कोरोना महामारी के कारण दम तोड़ चुके हैं, उनकी पहचान करने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए जिला कलेक्टर के नेतृत्व में एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है. 

बता दें कि महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कोरोना से अनाथ बालकों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. केंद्र सरकार भी अनाथ बालकों की पीएम फंड से मदद करेगी. 

          आज तक की इस खबर को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

अन्य महत्वपूर्ण खबरें

Copy link
Powered by Social Snap