Prerana ATC | Fight Trafficking

search

MP में कथित धर्मांतरण के मामले में पहली बार बाल सुधार गृह के खिलाफ FIR दर्ज

तारीख: 14 दिसंबर, 2021
स्रोत (Source): न्यूज 18 हिंदी

तस्वीर स्रोत : न्यूज 18 हिंदी

स्थान : मध्य प्रदेश

जबलपुर के करुणा नवजीवन बाल सुधार गृह में धर्मांतरण के खिलाफ आज पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. इस बाल सुधार गृह में कथित रूप से धर्मांतरण की शिकायत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने की थी. आयोग ने इस संस्थान में और भी कई अनियमितताएं पायी थीं. बरेला थाना पुलिस ने “करुणा नवजीवन “बाल गृह पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट समेत मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है. संभवत: एमपी में ये ऐसा पहला मामला है जहां किसी बाल गृह पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत FIR हुई है.

 

ये बाल सुधार गृह जबलपुर के बरेला थाना इलाके में है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम यहां दौरे पर आयी थी. यहां उसे कथित रूप से धर्मांतरण की शिकायत मिली थी. सुधार गृह में रह रहे जुविनाइल्स को बाइबिल पढ़ायी जा रही थी. आयोग की टीम ने जबलपुर शहर में चल रहे ज्यादातर बाल गृहों का औचक निरीक्षण किया था. उसी दौरान बिलहरी में खुले इस करुणा नवजीवन नाम के बाल गृह में आयोग की टीम को कई गड़बड़ियां मिली थीं.

 

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने अपने औचक निरीक्षण के बाद 9 पेज की एक रिपोर्ट तैयार की थी. जिसमें उसे इस बाल गृह में तमाम अनियमितताएं मिली थीं. लेकिन सबसे बड़ा मामला धर्मांतरण से जुड़ा हुआ था. बाल गृह में रहने वाले छात्रों को बाइबिल पढ़ाए जाने का जिक्र रिपोर्ट में किया गया था. इसके लिए बकायदा एक पास्टर रोजाना बालग्रह पहुंचते हैं और उन्हें बाइबिल पढ़ाते हैं. प्रेयर भी कराई जाती है. इससे स्पष्ट तौर पर धर्मांतरण का अंदेशा बाल आयोग की टीम को दिखा था.

 

बाल आयोग की ओर से दिए गए सुझावों पर अमल करते हुए पुलिस और प्रशासन इस चाइल्ड होम पर कार्रवाई कर सकता है. बाल आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि तत्काल बाल गृह में रहने वाले छात्र छात्राओं को कहीं और शिफ्ट किया जाए क्योंकि बाल अधिकारों का भी जमकर हनन इस चाइल्ड केयर होम में किया जा रहा है.

 

न्यूज 18 हिंदी की इस खबर को पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें.

अन्य महत्वपूर्ण खबरें

Copy link
Powered by Social Snap